Sir, you are tough indeed.
In the face of the tide,
You surf the waves far and wide.
In the palms of death,
You show no fear.
In the qualms of life,
You don't shed a tear.
But in your moments of despair,
(Albeit thin and rare),
Beneath the unwavering flair,
I see your scars.
I see how broke you are.
Wednesday, January 18, 2012
Sunday, January 15, 2012
Monday, December 12, 2011
देश-विदेश
देश-विदेश का ना अब कोई ठिकाना सा लगता है,
अब तो हर शहर जाना-पहचाना सा लगता है,
कुछ अपना और कुछ बेगाना सा लगता है ...
अब तो हर शहर जाना-पहचाना सा लगता है,
कुछ अपना और कुछ बेगाना सा लगता है ...
Thursday, November 24, 2011
Tuesday, November 22, 2011
मग़रूर ज़िन्दगी
ज़मीन तो मिल गयी, आसमाँ को पाना है अभी
इस डर को दिल से निकाल, कुछ कर दिखाना है अभी
मग़रूर ज़िन्दगी का, साथ निभाना है अभी
साँसों को अपनी संभाल, बोहत दूर जाना है अभी
इस डर को दिल से निकाल, कुछ कर दिखाना है अभी
मग़रूर ज़िन्दगी का, साथ निभाना है अभी
साँसों को अपनी संभाल, बोहत दूर जाना है अभी
Monday, November 21, 2011
मुक़म्मल जहाँ
शब्दों की इस जंग में तू जीत जाए भी तो क्या है
ज़िन्दगी की दौड़ में तू आगे निकल जाए भी तो क्या है
जिस हमसफ़र को राहों में छोड़ आया तू
बिना उसके मुक़म्मल जहाँ मिल जाए भी तो क्या है...
ज़िन्दगी की दौड़ में तू आगे निकल जाए भी तो क्या है
जिस हमसफ़र को राहों में छोड़ आया तू
बिना उसके मुक़म्मल जहाँ मिल जाए भी तो क्या है...
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