Wednesday, January 18, 2012

Broke

Sir, you are tough indeed.

In the face of the tide,
You surf the waves far and wide.

In the palms of death,
You show no fear.
In the qualms of life,
You don't shed a tear.

But in your moments of despair,
(Albeit thin and rare),
Beneath the unwavering flair,
I see your scars.
I see how broke you are.

Sunday, January 15, 2012

क़त्ल-ए-आम

नज़रों से जो येह क़त्ल-ए-आम ढाते हो,
बिना तर्कश के इतने तीर कैसे चलाते हो ?

Monday, December 12, 2011

देश-विदेश

देश-विदेश का ना अब कोई ठिकाना सा लगता है,
अब तो हर शहर जाना-पहचाना सा लगता है,
कुछ अपना और कुछ बेगाना सा लगता है ...

Thursday, November 24, 2011

तूफ़ान

बेचैनियाँ तेरी यूँ ही नहीं हैं
बेताबियाँ तेरी यूँ ही नहीं हैं
कहीं तो उमड़ रहा है तूफ़ान
खामोशियाँ तेरी यूँ ही नहीं हैं

Factory

अपनी दुआओं की Factory का एक Outlet बनवाओ
और Discount में वहां से कुछ Product हमें भी दिलवाओ

Tuesday, November 22, 2011

मग़रूर ज़िन्दगी

ज़मीन तो मिल गयी, आसमाँ को पाना है अभी
इस डर को दिल से निकाल, कुछ कर दिखाना है अभी
मग़रूर ज़िन्दगी का, साथ निभाना है अभी
साँसों को अपनी संभाल, बोहत दूर जाना है अभी

Monday, November 21, 2011

मुक़म्मल जहाँ

शब्दों की इस जंग में तू जीत जाए भी तो क्या है
ज़िन्दगी की दौड़ में तू आगे निकल जाए भी तो क्या है
जिस हमसफ़र को राहों में छोड़ आया तू
बिना उसके मुक़म्मल जहाँ मिल जाए भी तो क्या है...